शीन गुटनिक, जो बॉन्डी में हुए हमले की पीड़िता की बेटी हैं, ने रॉयल कमीशन में पहले गवाह के रूप में पेश होकर इस सशस्त्र हमले के पीछे के यहूदी-विरोधी तत्वों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अब समाज में यहूदी-विरोध को रोकने के बजाय उसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, जिससे यह खुलकर सामने आता है। गुटनिक ने कहा कि सरकार और पुलिस को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं को रोका जा सके। उनका मानना है कि सामुदायिक शिक्षा, कड़ी कानूनी कार्रवाई और अंतर-धार्मिक संवाद ही इस बढ़ते हुए एंटीसेमिटिज्म को खत्म करने के प्रभावी उपाय हैं।

By AIAdmin