रेवाड़ी जिला प्रशासन ने दो नाबालिग लड़कियों की शादी होने से पहले रोक दी। प्रशासन को गांव हासावास में बाल विवाह की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद बाल विवाह निषेध अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि 22 जुलाई को दोनों लड़कियों की शादी प्रस्तावित थी। शादी के लिए राजस्थान से बारात आने वाली थी। टीम ने लड़कियों के उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की। जांच में एक लड़की की उम्र तय उम्र से चार महीने कम और दूसरी की दो साल कम पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह कानून की जानकारी दी। समझाने के बाद परिवार ने बेटियों के बालिग होने तक शादी नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। जिला प्रशासन ने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। प्रशासन ने लोगों से बाल विवाह की सूचना हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। Source: Source Post navigation अबोहर वसीका नवीस आत्महत्या मामले में केस दर्ज, सुसाइड नोट के आधार पर 3 लोगों पर आरोप LoP नियुक्ति पर रोक की मांग वाली याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा