दीपाली शर्मा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी में वर्षों तक घरेलू हिंसा और मानसिक नियंत्रण का दंश झेला। उन्हें शारीरिक शोषण, अपमान और सामाजिक अलगाव जैसी कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। एक भयावह रात की घटना उनके जीवन का निर्णायक मोड़ बन गई। उस रात के बाद उन्होंने चुप रहने के बजाय अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। उन्होंने न केवल अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, बल्कि कानूनी रूप से तलाक भी लिया। इस कठिन संघर्ष से बाहर निकलने के बाद उन्होंने योग का सहारा लिया। योग के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी मानसिक और शारीरिक शक्ति को पुनर्जीवित किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा दी। आज दीपाली योग प्रशिक्षक बन चुकी हैं और उनका अपना एक योग स्टूडियो है। अपनी कहानी के जरिए वे अन्य महिलाओं को हिंसा के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका सफर विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और खुद को दोबारा बनाने की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है। अब वे एक स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। उनकी यह यात्रा उन सभी के लिए एक उदाहरण है जो किसी न किसी रूप में शोषण का शिकार हैं। Source: Source Post navigation चंडीगढ़ मेडिकल स्टोर मर्डर केस का खरड़ कनेक्शन:हत्या के बाद पहले दिल्ली और फिर ट्रेन से जम्मू पहुंचे आरोपी, 8 लोगों से पूछताछ लुधियाना में साहसी महिला का नकाबपोश लुटेरों से आमना-सामना: हथियार के बावजूद बदमाशों से भिड़ी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात