अंबिकापुर के एक युवा डाटा एंट्री ऑपरेटर बुधेश्वर प्रसाद सिदार की जिंदगी एक सड़क हादसे ने बदलकर रख दी। दुर्घटना के बाद उनके शरीर का बायां हिस्सा पूरी तरह लकवाग्रस्त हो गया और वे व्हीलचेयर पर आ गए। वे पिछले छह सालों से इस पीड़ा को झेल रहे हैं। वहीं, वर्ष 2019 से उनका वेतन भी बंद है, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है। मंगलवार को वे अपनी मां, बहन और जीजा के साथ कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे। उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई। परिवार का कहना है कि इलाज और घर के खर्चे के लिए पैसे नहीं बचे हैं। बुधेश्वर सरगुजा जिले के धौरपुर तहसील में पदस्थ थे, लेकिन हादसे के बाद से काम नहीं कर पा रहे हैं। वेतन बंद होने से घर में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने प्रशासन से वेतन दिलाने और इलाज में सहायता की मांग की। उनका रोना सुनकर मौजूद अधिकारी भी भावुक हो गए। कलेक्टर ने मामले की जांच और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह घटना सरकारी कर्मचारियों की दुर्दशा और व्यवस्था की विफलता को भी दर्शाती है। उम्मीद है कि अब बुधेश्वर को न्याय मिलेगा और उनका वेतन जल्द जारी होगा। Source: Source Post navigation अबोहर में हेरोइन समेत तस्कर गिरफ्तार:निशानदेही पर 302 ग्राम ड्रग्स और मिली, राजस्थान का रहने वाला; नाके दौरान किया काबू पानीपत में युवक की हत्या के आरोपी मां-बेटा अरेस्ट:घर बुलाकर गला घोंटा, बरामदे में फेंका शव, खेत में काम करने गया था