हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पीजीवीसीएल (PGVCL) को एक बच्चे की करंट लगने से हुई मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह घटना तब हुई थी जब बच्चा खंभे से पतंग निकालने की कोशिश कर रहा था। अदालत ने कहा कि बच्चों को लापरवाही के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में पहले दिए गए 9.8 लाख रुपये के मुआवजे को अदालत ने बरकरार रखा। अदालत ने बिजली वितरण कंपनी की जिम्मेदारी पर जोर दिया। कहा गया कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग का दायित्व है। मामले में लापरवाही को गंभीर माना गया। फैसले ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त संदेश दिया है। यह निर्णय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीड़ित परिवार को राहत देते हुए अदालत ने मुआवजे की पुष्टि की। Source: Source Post navigation मुंबई लोकल हत्या के बाद रेलवे पुलिस सख्त, अब ट्रेनों में बढ़ाई जाएगी बैगों की जांच रेत खदान के अनिच्छुक पट्टेदार को 6% ब्याज सहित जमा राशि लौटाने का हाईकोर्ट का आदेश