रिटायरमेंट के लिए हर व्यक्ति को 40 करोड़ रुपए का फंड जुटाना जरूरी नहीं है। जरूरी रिटायरमेंट कॉर्पस व्यक्ति के खर्च, जीवनशैली, शहर और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है। संपत्ति और भविष्य की वित्तीय जरूरतें भी इस लक्ष्य को प्रभावित करती हैं। कम उम्र से निवेश शुरू करने से लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिल सकती है। 10-30-50 फ्रेमवर्क निवेश की आदत को शुरुआती दौर से मजबूत करने पर जोर देता है। इस तरीके में आय बढ़ने के साथ निवेश की रकम बढ़ाने की सोच अपनाई जाती है। छोटी रकम से शुरुआत करना भी निवेश की अनुशासनपूर्ण आदत विकसित कर सकता है। ₹100 जैसी छोटी राशि से शुरुआत कर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाया जा सकता है। नियमित निवेश और लंबे समय तक बने रहना रिटायरमेंट योजना में अहम भूमिका निभाता है। आय बढ़ने पर निवेश का हिस्सा बढ़ाने से भविष्य के लक्ष्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं। सही निवेश लक्ष्य तय करने के लिए मौजूदा खर्च और भविष्य की जरूरतों का आकलन जरूरी है। रिटायरमेंट फंड का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए अलग होना चाहिए। Source: Source Post navigation चांदी की कीमत में अचानक बड़ी गिरावट, MCX पर खुलते ही ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंची शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़ा; एशियाई बाजारों में गिरावट का असर सीमित