कोरबा रेल प्रशासन कोरबा के लोगों की परेशानी 3 साल बाद भी दूर नहीं कर पाया है। बिलासपुर से कोरबा आने वालों को 8 घंटे तक बिलासपुर में इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग सड़क मार्ग से यात्रा करने को मजबूर हैं। पहले चल रही स्पेशल पैसेंजर बंद हुई, जिसके बाद नई सवारी गाड़ी चलने की उम्मीद थी, लेकिन राहत नहीं मिली। बिलासपुर से दोपहर 2.50 बजे कोरबा के लिए रवाना होने वाली स्पेशल पैसेंजर, शिवनाथ एक्सप्रेस रैक, 29 सितंबर 2023 से बंद है। इस समय पर कोरबा आने वाले यात्री परेशान हैं। गाड़ी बंद होने से हालात ऐसे हैं कि बिलासपुर से सुबह 9.35 बजे के बाद कोरबा आना हो तो 8 घंटे का इंतजार करना पड़ता है। शाम 5.10 बजे रायपुर-गेवरारोड के बीच चलने वाली मेमू लोकल मिलती है, जो अक्सर विलंब से चलती है। कोल डिस्पैच से रेलवे को अकेले कोरबा से हर साल 7 हजार करोड़ से अधिक आय होती है, इसके बाद भी कोरबा के लोग उपेक्षित हैं। दोपहर की स्पेशल पैसेंजर बंद होने से गोंदिया से टाटानगर के बीच चलने वाली दोपहर 2 बजे की पैसेंजर बिलासपुर में मिलती है, जिसमें इतनी भीड़ रहती है कि खड़े होने के लिए भी जगह तलाशनी पड़ती है। इस गाड़ी में कोरबा आने वाले यात्री चांपा तक आते हैं और वहां से बस अथवा टैक्सी में 50, 100 अथवा 250 रुपए प्रति व्यक्ति किराया देकर आने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विस्तार के कारण स्पेशल पैसेंजर बंद की गई थी।

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