फरीदाबाद में बीके अस्पताल के 50 लाख रुपये के कथित डीजल घोटाले की जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इससे पहले ही सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 50 लाख रुपये के गबन की बात पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि मीडिया में काल्पनिक आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता में मामला इतनी बड़ी रकम का नहीं है। सीएमओ ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों ने इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया है। उनका मकसद स्वास्थ्य विभाग और भाजपा सरकार की छवि खराब करना है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पूरी जानकारी के 50 लाख रुपये के गबन का दावा करना गलत है। डॉ. आहूजा ने अपने दावे के समर्थन में एंबुलेंस के खर्च का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि बीके अस्पताल के पास कुल 33 एंबुलेंस हैं, जिनके पेट्रोल-डीजल पर सालाना करीब 55 लाख रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में 50 लाख रुपये के गबन का दावा पूरी तरह गलत है। सीएमओ ने बताया कि स्टेट फाइनेंशियल डिपार्टमेंट की ओर से मामले का ऑडिट कराया जा रहा है। स्टेट हेडक्वार्टर की टीम अस्पताल से एंबुलेंस की लॉगबुक, रिपेयर का डाटा और अन्य जरूरी रिकॉर्ड अपने साथ ले जा चुकी है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है और वास्तविक वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। Source: Source Post navigation गृहमंत्री अमित शाह की पदयात्रा पर कांग्रेस का हमला: कहा- प्रदर्शन से व्यापारियों को क्या फायदा हुआ, त्योहार पर परेशानी खड़ी की BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल की बड़ी जीत: CM सुक्खू बोले- हर साल 500-1000 करोड़ की कमाई होगी, 20 साल मिलेगा बिजली का हिस्सा