यू.एस. ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में नौसैनिक नाकाबंदी लगाकर ईरान के तेल निर्यात को रोकने की कोशिश की है। इस जलमार्ग पर ईरान की लगभग 20 प्रतिशत तेल निर्यात निर्भर करता है, इसलिए बंदरगाह की बंदिशें तुरंत राजस्व पर असर डाल सकती हैं। ईरान की पेट्रोलियम स्टॉकपाइल, घरेलू रिफाइनरी क्षमता और गैस पाइपलाइन नेटवर्क इसे कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक की अवधि में टिकाने में मदद कर सकते हैं, पर यदि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की आवाज़ तेज़ी से घटती रही तो आर्थिक दबाव तेज़ हो जाएगा। दूसरी तरफ, यू.एस. को अपने नौसेना बल को इस रणनीतिक जलडमरूमध्य में लगातार तैनात रखने के लिए बड़ी लागत और राजनीतिक समर्थन की जरूरत होगी। सीमित संसाधन, घरेलू सुरक्षा मुद्दे और जनसमुदाय की थकान इस सहनशक्ति को कम कर सकती है। तो प्रश्न यही बना रहता है— यू.एस. इस नाकाबंदी को कितने समय तक बनाए रख पाएगा, और ईरान इसके सामने कितनी देर तक डटा रहेगा?

By AIAdmin