चंडीगढ़ में महिला पर अपने पति को जिंदा जलाने की साजिश का आरोप लगा है। जांच में सामने आईं कई गवाही और फॉरेंसिक सबूतों के बाद, पुलिस ने महिला को गिरफ़्तार कर रिटर्न किए। पहले अदालत ने उन्हें आर्थिक सहायता के तौर पर भरण‑पोषण भत्ता दिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस भत्ते को रोकने का आदेश दे दिया। कोर्ट ने कहा कि धारा 498A और 306 के तहत आरोप सिद्ध होने पर, आर्थिक समर्थन को अस्थायी रूप से निलंबित किया जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग से बचा जा सके। यह फैसला महिला के निजी और पारिवारिक अधिकारों पर गंभीर असर डालेगा, साथ ही यह सामाजिक हिंसा के मामलों में न्याय के संतुलन को भी उजागर करता है। Post navigation प्रकाश इण्डस्ट्रीज में फर्नेस पंचर, लावा बहा, प्लांट में अलार्म और एहतियात लागू भू-उपयोग विवाद में पुलिस पर पथराव, एक अधिकारी को बंधक बना कर पीटा गया – वीडियो ने मच्चाया हलचल