द्वारा वॉल्टर फॉल्कलैंड की संप्रभुता पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय (नंबर 10) ने फिर से स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पूरी तरह यूके की जिम्मेदारी में रहेगी। इस बयान के कुछ ही घंटे बाद, रिपोर्टों में आया कि अमेरिकी पेंटागन की एक आंतरिक दस्तावेज़ में यूके के इरान युद्ध में न शामिल होने के जवाब में पॉलिसी में बदलाव की संभावना पर विचार किया गया था। दस्तावेज़ के अनुसार, यदि ब्रिटेन ने इरान‑संघर्ष में सहयोग नहीं किया, तो यूएस फाल्कलैंड संबंधी स्थिति में संशोधन या दबाव बढ़ाने की सोच रहा है। लेकिन लंदन ने इस संकेत को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि फाल्कलैंड की सुरक्षा और संप्रभुता पर उसका रुख अटल है और वह किसी भी विदेशी दबाव से नहीं बदलता। इस बीच दोनों देशों के बीच रणनीतिक समझौते और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है। Post navigation हरियाणा की नई बीमा योजना से MSME को मिली आर्थिक सुरक्षा, समय पर भुगतान की गारंटी इंदौर में बच्चा अपहरण: 15 लाख की फिरौती की मांग, पुलिस ने चंद घंटों में बचाव किया