नेपाल ने भारत के विद्युत ग्रिड के माध्यम से बांग्लादेश को 40 मेगावाट जलविद्युत आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी है। यह आपूर्ति जून के मध्य से नवंबर के मध्य तक जारी रहेगी। इस पहल को दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। नेपाल, भारत और बांग्लादेश के बीच यह त्रिपक्षीय ऊर्जा व्यापार मॉडल पहले से अधिक मजबूत हुआ है। बांग्लादेश में इस अवधि के दौरान बिजली की मांग अपेक्षाकृत अधिक रहती है। नेपाल की जलविद्युत क्षमता का उपयोग पड़ोसी देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में किया जा रहा है। भारत इस व्यवस्था में ट्रांजिट और ग्रिड कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सहयोग से क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। नेपाल और बांग्लादेश ने भविष्य में बिजली आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आपूर्ति को 40 मेगावाट से बढ़ाकर 60 मेगावाट करने की योजना बनाई है। प्रस्तावित विस्तार के लिए भारत की अंतिम स्वीकृति आवश्यक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सीमा-पार बिजली व्यापार को नई दिशा मिलेगी। यह कदम स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

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