1970 के दशक में केरी पैकर ने आयरलैंड के क्रिकेट को ‘सर्कस’ कहकर निंदा करने वाले लोगों को चौंका दिया। उनके नेतृत्व में बनाई गई वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट ने क्रिकेट इतिहास को बदल दिया और आज के फ्रेंचाइजी सिस्टम की नींव रखी। इस प्रयोग ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खेल को नए अंदाज में देखने का मार्ग प्रशस्त किया।

पैकर के समय क्रिकेट एक पुराने ढंग का खेल था, जहां टीमें लंबे समय तक खेलती थीं और टेलीविजन डील्स कम थीं। उन्होंने 1977 में वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट शुरू करके डे-नाइट मैच, टीवी रियलिटी शो जैसे तत्व लाए। यह पहली बार थी जब क्रिकेट को मनोरंजन के रूप में पेश किया गया, जिससे खेल की दर्शक संख्या बढ़ी।

आज के आईपीएल, बीसीजी, और अन्य फ्रेंचाइजी लीग्स के पीछे यही विचार छिपा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पैकर का विचार था कि क्रिकेट एक बिजनेस है, न कि सिर्फ एक खेल।’ इससे टीवी राइट्स की कीमत 100 गुना बढ़ गई और खिलाड़ियों के वेतन भी आसमान छू गए। आईसीसी ने भी इस प्रणाली को अपनाया, जिससे क्रिकेट का वैश्विक बजट बढ़ा।

पैकर के योगदान का असर आज भी महसूस किया जाता है। अब क्रिकेट मैचों की प्रेजेंटेशन और मनोरंजन के तरीके पूरी तरह बदल गए हैं। नई पीढ़ी के खिलाड़ी और फैंस इसी विचारधारा के तहत खेल का आनंद लेते हैं। वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट ने क्रिकेट को एक वैश्विक मनोरंजन उद्योग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके बिना आज का क्रिकेट इंडस्ट्री कल्पना भी नहीं की जा सकती।