राजधानी रायपुर में तंग गलियों और अवैध अतिक्रमण के कारण आग या स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस और दमकल वाहनों का पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। दैनिक भास्कर के सर्वे में शहर के 70 वार्डों में 310 से अधिक ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहाँ 5 फीट से कम चौड़े रास्तों के कारण चारपहिया वाहन नहीं पहुँच पाते। गोलबाजार, मौदहापारा और पुरानी बस्ती जैसे घने इलाकों में स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहाँ रेलवे स्टेशन रोड के पास बने बहुमंजिला लॉज और होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम का भी अभाव है। हाल ही में देश के अन्य शहरों में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस कमिश्नरी ने अब इन इलाकों की मैपिंग करने और रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्णय लिया है। प्रशासन अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने और तंग गलियों के लिए छोटे दमकल वाहन एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था करने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुसार इमरजेंसी वाहनों के लिए 20 फीट चौड़ा मार्ग अनिवार्य है, जिसका रायपुर की पुरानी बसाहटों में पालन नहीं हो रहा है। प्रशासन अब इन क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस एक्शन प्लान पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे के दौरान राहत कार्य में बाधा न आए।

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