देश भर में आपातकालीन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब 100, 101, 102, 108, 1033 और 1091 जैसे सभी अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों को समाप्त कर ‘डायल-112’ में एकीकृत किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस निर्देश का पालन करते हुए तैयारी तेज कर दी है और गृह विभाग इसे लागू करने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। वर्तमान में राज्य में डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवाएं अलग-अलग संचालित हैं, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती है और प्रतिक्रिया समय बढ़ जाता है। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुँचाना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलना जीवन के अधिकार का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में डायल-112 सेवा 2018 से ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ की थीम के साथ चल रही है और वर्तमान में यह प्रतिदिन लगभग 10 हजार कॉल संभाल रही है। आने वाले समय में सभी सेवाओं के एकीकरण से सूचना के हस्तांतरण में लगने वाला समय खत्म हो जाएगा। राज्यों को इस आदेश का पालन कर तीन महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। यह बदलाव आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सक्षम व प्रभावी बनाएगा।

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