भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में पहली ही बारिश के बाद जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आई है। इस हॉस्टल के नवीनीकरण पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। बारिश के बाद हॉस्टल परिसर में पानी भरने की तस्वीरें सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और कर्मचारियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना ने निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी बहस छेड़ दी है। इतने बड़े खर्च के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर लोगों ने नाराजगी जताई है। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की जांच की मांग उठ रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निर्माण गुणवत्ता की समीक्षा की अपेक्षा की जा रही है। यह मामला सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। Source: Source Post navigation होशियारपुर में सड़क पर दिखा तेंदुआ, 10 मिनट तक टहलता रहा; दहशत में लौटे राहगीर लखनऊ के चिनहट स्थित कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, छह दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू