वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप की कमी से स्मार्टफोन उद्योग में कंपोनेंट की लागत लगातार बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर मिड-रेंज स्मार्टफोन श्रेणी पर पड़ रहा है। हालांकि, लावा के प्रबंध निदेशक सुनील रैना इसे चुनौती नहीं बल्कि अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि जब लगभग सभी कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं, तब प्रतिस्पर्धा का संतुलन बना रहता है। ऐसे में किसी एक ब्रांड को कीमत के आधार पर विशेष बढ़त नहीं मिलती। रैना का कहना है कि छोटे ब्रांड को आगे बढ़ने के लिए केवल बड़े प्रतिस्पर्धियों के कुछ ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करना होता है। उनका विश्वास है कि मौजूदा परिस्थितियों में भी लावा अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। कंपनी का फोकस बेहतर उत्पाद और ग्राहकों का भरोसा जीतने पर है। बढ़ती लागत के बावजूद कंपनी विकास की रणनीति पर कायम है। लावा ने मौजूदा बाजार परिस्थितियों में भी 50 प्रतिशत वृद्धि का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी को उम्मीद है कि सही रणनीति के दम पर वह इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहेगी। Source: Source Post navigation शेयर बाजार में गिरावट के बीच सोना-चांदी के दामों में बड़ा बदलाव, खरीदारी से पहले जानें नए भाव एआई युग में डिजिटल संप्रभुता की मजबूत नींव बनेगा उन्नत फाइबर नेटवर्क