विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समीक्षा सम्मेलन NPT (परमाणु निरस्त्रीकरण संधि) के नियमों की अवहेलना कर रहे परमाणु शक्ति देशों को रोकने में असमर्थ रहेगा। यूएस‑इज़राइल के इरान के प्रति तीव्र रुख ने इस समझौते पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे देशों के बीच भरोसा कमजोर हो रहा है। कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रमुख परमाणु ध्रुवीय शक्तियां अपने परमाणु कार्यक्रमों को जारी रखें और प्रतिबंधों की अवहेलना करें, तो NPT का भविष्य संकट में पड़ सकता है। समीक्षा सम्मेलन के दौरान यह सवाल उठेगा कि संधि को सख्ती से लागू करने के लिए क्या नए उपाय अपनाए जाएँगे, और क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा। समग्र रूप से, यदि वर्तमान तनाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो NPT की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता दोनों ही कमज़ोर पड़ सकती हैं।

By AIAdmin

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