NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर कई राज्यों और जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। फास्ट ट्रैक कोर्ट कोई अलग न्यायपालिका या नई अदालत नहीं होती। यह सामान्य न्यायिक व्यवस्था का ही एक विशेष प्रावधान है। इन अदालतों का उद्देश्य चुनिंदा मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी करना होता है। इनमें लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने में ये अदालतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही छात्रों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि त्वरित कार्रवाई से भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। Source: Source Post navigation जशपुर के दुलदुला में शिक्षा गुणवत्ता सुधार को लेकर कार्यशाला, नई शैक्षणिक योजनाओं पर बनी रणनीति भिवानी में छात्रों के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल खत्म, CTM ने जूस पिलाकर कराया अनशन समाप्त