बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग के संलग्नीकरण मामले को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विभाग पर सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश की गलत व्याख्या करने का आरोप है। प्रधानपाठक मुन्ना लाल धुर्वे को जनपद पंचायत कुसमी का प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इसे लेकर विभागीय नियमों और प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री की ओर से संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद भी संबंधित व्यवस्था जारी रहने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। Source: Source Post navigation दिल्ली सरकार का फैसला, जेलों में कस्टडी डेथ पर परिजनों को मिलेगा 7.5 लाख रुपये तक मुआवजा छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षु IFS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग, वन विभाग ने जारी की तैनाती सूची