NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार पेपर लीक की शुरुआत NTA के तीन कॉन्ट्रैक्ट विशेषज्ञों से हुई थी। आरोप है कि विशेषज्ञों ने पुणे में गुप्त सत्र आयोजित कर छात्रों को सवाल बताए। उन्होंने प्रश्नों के नोट्स तैयार कर उनकी तस्वीरें आगे भेजीं। फोरेंसिक जांच में जब्त नोटबुक का मिलान असली प्रश्नपत्र से किया गया। जांच में नोटबुक और पेपर के बीच समानता मिलने की बात सामने आई है। CBI ने मामले में पैसों के लेनदेन की भी जांच की है। जांच के दौरान नकद रकम बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पेपर लीक प्रकरण ने देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। Source: Source Post navigation बोफोर्स घोटाला मामला खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल पुराने केस की अंतिम याचिका खारिज की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद 2550 करोड़ की सीकासार-कोडार पाइपलाइन परियोजना का रास्ता साफ