हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी एक किशोर की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि जेजे एक्ट सामान्य तौर पर किशोरों को जमानत देने के पक्ष में है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में जमानत से इनकार किया जा सकता है। अदालत ने माना कि रिहाई से न्याय की प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा हो तो अपवाद लागू हो सकते हैं। मामले में आरोपी किशोर के नशीले पदार्थों के सेवन के जोखिम का भी उल्लेख किया गया। कोर्ट ने इस पहलू को जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण माना। अदालत ने आरोपी की रिहाई से जुड़े संभावित जोखिमों को गंभीरता से लिया। जमानत देने से पहले किशोर के व्यवहार और परिस्थितियों का आकलन जरूरी बताया गया। कोर्ट ने कहा कि जेजे एक्ट के तहत जमानत का प्रावधान पूर्ण और बिना शर्त अधिकार नहीं है। न्याय के हित में परिस्थितियों के अनुसार जमानत से इनकार किया जा सकता है। इस फैसले में किशोर की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया दोनों पहलुओं पर विचार किया गया। Source: Source Post navigation UP शिया वक्फ बोर्ड पर 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप, कब्रें 10-10 लाख रुपये में बेचने का दावा लोन की रकम गारंटर से सीधे वसूल सकती है बैंक? इलाहाबाद HC ने दिया अहम फैसला