जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी के गुजारा भत्ते से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया। अदालत के अनुसार दोनों को हर महीने 18 हजार रुपये का गुजारा भत्ता दिया जाना है। पति की ओर से बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर उसकी वसूली का मामला सामने आया। अदालत ने शोपियां के जिला कलेक्टर को जारी एक नोटिस को रद्द कर दिया। यह नोटिस गुजारा भत्ते की बकाया राशि की वसूली से संबंधित था। हाईकोर्ट ने पाया कि संबंधित मजिस्ट्रेट ने अपनी कानूनी शक्तियों की सीमा से आगे जाकर कार्रवाई की थी। अदालत के अनुसार मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से शुरुआती वसूली वारंट की प्रक्रिया प्रभावित हुई। हाईकोर्ट ने बकाया गुजारा भत्ते की वसूली के लिए नया वारंट जारी करने का निर्देश दिया। यह वारंट जिला कलेक्टर को भेजने का आदेश दिया गया है। बकाया राशि की वसूली के लिए पति की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। अदालत ने कानूनी प्रक्रिया के अनुसार वसूली आगे बढ़ाने को कहा। आदेश का उद्देश्य पत्नी और बेटी को निर्धारित गुजारा भत्ता दिलाना है।

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