छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश के शामली से एक युवक की गिरफ्तारी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। युवक की पहचान निश्चिंत वत्स के रूप में बताई गई है। उसे गिरफ्तार कर अंबिकापुर लाए जाने की कानूनी प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि युवक को छत्तीसगढ़ लाने से पहले ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 187 का पालन नहीं करने की बात कही गई है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रुख पर सख्ती दिखाई। अदालत ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब सरकार को गिरफ्तारी और युवक को दूसरे राज्य से लाने की प्रक्रिया का कानूनी आधार स्पष्ट करना होगा। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी की वैधता से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार के जवाब पर सबकी नजर रहेगी। Source: Source Post navigation सिविल जज भर्ती के लिए वकालत का अनुभव 3 से घटकर 1 साल, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला 105 साल के कैदी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, उम्रकैद की सजा से मिली स्थायी रिहाई