छत्तीसगढ़ के कोंडागांव थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए 76 वर्षीय दिलबाग सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट का रुख किया है। मामला पंजाब के लुधियाना में कृषि भूमि से जुड़े विवाद से संबंधित बताया गया है। याचिकाकर्ताओं ने एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद की जड़ लुधियाना स्थित कृषि भूमि से जुड़ी है। याचिका में दावा किया गया है कि मामला टेलीफोन पर हुई बातचीत के आधार पर दर्ज किया गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार बातचीत में कथित गाली-गलौज और धमकी के आरोप लगाए गए हैं। उनका तर्क है कि बातचीत में किसी स्पष्ट आपराधिक कृत्य के तत्व मौजूद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केवल फोन पर हुई बातचीत के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने एफआईआर की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। मामले में हाईकोर्ट से एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई है। याचिका पर अदालत की आगे की सुनवाई में मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। Source: Source Post navigation 105 साल के कैदी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, उम्रकैद की सजा से मिली स्थायी रिहाई न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विदाई, करीब एक दशक में 6,300 से अधिक मामलों का किया निपटारा