फर्जी ट्रैफिक ई-चालान लिंक के जरिए एक व्यक्ति से 1.7 लाख रुपये की ठगी की गई। साइबर ठगों ने ट्रैफिक चालान के नाम पर उसे निशाना बनाया। आरोपी ने कथित तौर पर ई-चालान से संबंधित एक फर्जी लिंक भेजा। चालान भरने की प्रक्रिया में व्यक्ति ने इस लिंक पर भरोसा कर लिया। इसके बाद वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो गया। इस घटना में पीड़ित को कुल 1.7 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। ठगों ने सरकारी ट्रैफिक चालान की प्रक्रिया जैसी दिखने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया। इस तरह के फर्जी लिंक लोगों को असली सरकारी वेबसाइट समझकर भ्रमित कर सकते हैं। साइबर अपराधी अक्सर जुर्माने या भुगतान के नाम पर लोगों को लिंक खोलने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे मामलों में अनजान लिंक पर क्लिक करना और निजी या बैंकिंग जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। वाहन चालकों को ई-चालान की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या सत्यापित माध्यमों से जांचनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक के जरिए भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करना जरूरी है। यह घटना ऑनलाइन भुगतान और साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है।

Source: Source