हिसार में नाबालिग अपराधियों की पुलिस द्वारा परेड कराने और सोशल मीडिया पर उनकी पहचान सार्वजनिक करने का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। जिला अदालत के अधिवक्ता व हिसार बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव नरेश गोयल ने एनएचआरसी अध्यक्ष को शिकायत भेजकर हिसार एसपी सिद्धांत जैन समेत संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि एचटीएम थाना क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने स्क्रैप गोदाम पर फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ा था। इसके खिलाफ हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में दो नाबालिगों को पकड़ा और उनकी निशानदेही पर एक बाइक तथा अवैध हथियार बरामद किया। पुलिसकर्मियों ने सिर मुंडे दोनों नाबालिगों को सड़क पर पैदल घुमाया, जिसके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने यूट्यूबरों को बकायदा फोन कर इसकी सूचना दी और परेड का वीडियो बनवाकर जानबूझकर वायरल करवाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस प्रवक्ता की ओर से जारी वीडियो में नाबालिगों के चेहरे साफ दिख रहे थे और प्रेस नोट में उनके नाम भी शामिल थे। विवाद बढ़ने के बाद इन्हें इंटरनेट से हटाया गया। अधिवक्ता का आरोप है कि यह कदम किशोर न्याय अधिनियम, 2015 तथा बच्चों की गरिमा, निजता और अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। शिकायतकर्ता ने एसपी सिद्धांत जैन और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच करवाने और हरियाणा पुलिस महानिदेशक से समयबद्ध जांच रिपोर्ट मंगवाने की मांग की है। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड और वीडियो को सुरक्षित रखने तथा सोशल मीडिया से नाबालिगों की तस्वीरें व वीडियो तुरंत हटवाने की मांग की गई है। Source: Source Post navigation केरल के वर्कला में 17 वर्षीय किशोर ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग हिसार में पुलिसकर्मी की गाड़ी ने बाइक सवार दंपती को उड़ाया: ड्यूटी से घर जा रहे थे पति-पत्नी, दोनों अस्पताल में भर्ती