एक पूर्व उप तहसीलदार को 5 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में अदालत ने 8 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार निरोधक मामले में यह अहम फैसला माना जा रहा है। अदालत ने सभी साक्ष्यों की जांच के बाद यह सजा दी। अभियोजन पक्ष ने मामले में मजबूत पैरवी की। दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देता है। अधिकारियों ने फैसले का स्वागत किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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