एक पूर्व उप तहसीलदार को 5 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में अदालत ने 8 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार निरोधक मामले में यह अहम फैसला माना जा रहा है। अदालत ने सभी साक्ष्यों की जांच के बाद यह सजा दी। अभियोजन पक्ष ने मामले में मजबूत पैरवी की। दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देता है। अधिकारियों ने फैसले का स्वागत किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शादी का वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग को साक्ष्य मानने से किया इनकार, मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप से भी इंकार दिल्ली हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त जज पूनम बांबा ने बताया- भारतीय अदालतों में असल में क्या होता है: रोज 125 केस, हजारों दस्तावेज और घंटों की सुनवाई