रेवाड़ी रोडवेज डिपो में करीब 11 महीने पहले आई टाटा कंपनी की 40 बसों में लगातार तकनीकी खराबी आ रही है। डिपो में करीब प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक बसें खराब हो जाती हैं। कुछ बसें ठीक होकर रूट पर जाती हैं और दोबारा खराब हो जाती हैं। ड्राइवरों के मुताबिक बस चलते-चलते अचानक रेस देना बंद कर देती है। इससे बसों को बीच रास्ते से वापस कार्यशाला या सर्विस स्टेशन भेजना पड़ता है। बसों के बार-बार खराब होने से लोकल और लंबे रूटों पर फेरे प्रभावित हो रहे हैं। बसों की शुरुआती 1.50 लाख किलोमीटर तक मेंटेनेंस फ्री थी और अब तक ये करीब 1.40 लाख किलोमीटर चल चुकी हैं। खराब बसों को ठीक कराने के लिए कंपनी के सर्विस स्टेशन भेजा जाता है, जहां कई बार बसें एक महीने तक खड़ी रहती हैं। डिपो में किलोमीटर स्कीम की 35 बसों में ऐसी दिक्कत नहीं आ रही। रोडवेज यूनियन ने मरम्मत में देरी पर कमीशनखोरी की आशंका जताई है। बसों की कमी से महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम, सोहना, पलवल और पटौदी रूट प्रभावित हैं। रेवाड़ी बस स्टैंड से रोजाना करीब 15 से 20 हजार यात्री सफर करते हैं। रोडवेज जीएम निरंजन कुमार ने कहा कि बसें जल्द ठीक कराई जाएंगी।

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