बालोद जिला न्यायालय की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की अदालत ने नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी गणेश्वर ढीमर (24) को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(ठ)/6 के तहत 20 साल, भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत 7 साल और धारा 137(2) के तहत 5 साल के सश्रम कारावास से दंडित करने का निर्णय लिया गया। तीनों धाराओं में एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख के अनुसार 8 नवंबर 2025 को नाबालिग छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन छुट्टी के बाद वापस नहीं लौटी। पिता की रिपोर्ट पर 9 नवंबर को संबंधित थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। पीड़िता के बयान में दुष्कर्म का खुलासा हुआ। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। प्रकरण में मिले सबूत के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दंडित किया। पीड़िता को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से की गई है।

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