सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी के 24 घंटे की घड़ी हिरासत में लिए जाने के समय से शुरू होगी, औपचारिक गिरफ्तारी से नहीं। इस फैसले से आरोपियों के अधिकारों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है। यह फैसला कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने वाला है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों ने इस फैसले को अहम बताया है। Source: Source Post navigation रायगढ़ अधिवक्ता संघ चुनाव में 90.2% मतदान: 671 में से 605 वकीलों ने डाले वोट, आज होगी मतगणना छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश: नजूल और नगर पालिका क्षेत्र में होने से आदिवासी जमीन की खरीद वैध नहीं