छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदिवासी जमीन की खरीद को लेकर अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नजूल और नगर पालिका क्षेत्र में होने के कारण आदिवासी जमीन की खरीद वैध नहीं है। कोंडागांव में 42 से 56 साल पुराने जमीन सौदों पर कार्रवाई रोकने की मांग खारिज कर दी गई है। राजस्व अधिकारियों का आदेश बरकरार रखा गया है। इस फैसले से आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों में स्थिति स्पष्ट हुई है। अदालत ने जमीन सौदों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए अहम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गिरफ्तारी के 24 घंटे की घड़ी हिरासत से शुरू होगी, औपचारिक गिरफ्तारी से नहीं