सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसका मार्च का फैसला पहले से पूरी हो चुकी नियुक्तियों या प्रमोशन पर असर नहीं डालेगा। जो मामले अभी लंबित हैं, उन्हें अदालतें मेरिट और पात्रता के आधार पर अलग-अलग जांचेंगी। सरकार ने चिंता जताई थी कि पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) लागू करने से स्थापित पदों और दाखिलों में उथल-पुथल हो सकती है। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में एक समान क्रीमी लेयर व्यवस्था स्थापित करने के लिए दो साल का समय मांगा है। कोर्ट ने सरकार की इस मांग पर विचार करते हुए यह स्पष्ट किया कि पुरानी नियुक्तियों और प्रमोशन को संरक्षण मिलेगा। Source: Source Post navigation CJI पर सोशल मीडिया पोस्ट मामले में SC सख्त: केरल कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी