छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य महिला आयोग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि ये कर्मचारी शासकीय सेवक की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसलिए वे वित्त विभाग की श्रम सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के पात्र नहीं हैं। हाईकोर्ट ने इस संबंध में दाखिल 14 कर्मचारियों की याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने योजना का लाभ देने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा की प्रकृति पर विचार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर उन्हें योजना के दायरे से बाहर रखा गया। इस फैसले से राज्य महिला आयोग के कई दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को झटका लगा है। हाईकोर्ट का यह निर्णय योजना की पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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