छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नगरीय निकायों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने 10 साल से सेवा दे रहे 11 नगरीय निकायों के ऑपरेटरों की याचिका पर सुनवाई की। ऑपरेटरों ने वेतन रोके जाने और नौकरी से हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिका में बताया गया कि अक्टूबर 2025 से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद अप्रैल 2026 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले में छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को मामले पर उचित विचार करने को कहा है। लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को इस आदेश से राहत मिली है। ऑपरेटरों ने अपनी सेवा सुरक्षा और लंबित वेतन की मांग उठाई थी। अब सरकार के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हाईकोर्ट का यह आदेश कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation वकीलों का विरोध जारी, अमृतसर में दो दिन और रहेगा ‘नो वर्क डे’, भूख हड़ताल की तैयारी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, महिला आयोग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा श्रम सम्मान निधि योजना का लाभ