तेलंगाना हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग द्वारा बर्खास्त किए गए 35 जूनियर लेक्चररों को बहाल करने का अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले उचित जांच जरूरी है। कोर्ट ने निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत पर जोर दिया है। ये लेक्चरर शुरुआत में योग्य पाए गए थे, लेकिन बाद में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। कोर्ट ने इस कार्रवाई को अनुचित मानते हुए बहाली का आदेश दिया। फैसले में कहा गया कि बर्खास्तगी से पहले विस्तृत जांच और सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से बर्खास्त लेक्चररों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने रोजगार के मामलों में निष्पक्ष प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित किया है। यह फैसला शिक्षा विभाग और अन्य कर्मचारियों के लिए भी अहम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation कर्मचारी की मौत के बाद किसे मिलेगी फैमिली पेंशन? जानें नियम और पात्रता; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी किया स्पष्ट रेत के अवैध परिवहन पर कोर्ट का सख्त रुख: आरोपी को 3 साल की कठोर सजा, जुर्माना भी लगाया