फांसी की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआणा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखा है। राजोआणा ने एसजीपीसी द्वारा राष्ट्रपति के समक्ष दायर दया याचिका वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह याचिका 15 साल से लंबित है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। राजोआणा ने दावा किया कि उन्होंने कभी खुद दया याचिका दायर नहीं की थी। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से फांसी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। पत्र में उन्होंने मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने जत्थेदार से गठित पांच सदस्यीय कमेटी की सिफारिशों पर सुनवाई करने का आग्रह किया। राजोआणा ने भाजपा के सिख नेताओं को अकाल तख्त पर बुलाने की मांग भी रखी है। उन्होंने सवाल उठाया कि फांसी से जुड़े फैसले में इतनी देरी क्यों हो रही है। सिख चिंतकों ने भी मामले में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। राजोआणा ने कहा कि सिख सिद्धांतों और परंपराओं के अनुसार जल्द फैसला लिया जाना चाहिए।

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