बस्तर जिले के बकावंड तहसील के पाथरी पंचायत में स्थित कादोमाली गांव, जो 79 साल से लगातार आबाद है, अब तक सरकारी राजस्व व ज़मीनी रिकॉर्ड से गायब है, स्थानीय लोग दस्तावेज़ी दावे कर रहे हैं। इसी दौरान, बारसूर के घने जंगल में सुरक्षा कर्मियों ने नक्सली समूहों का बड़ा डंप बरामद किया, जिसमें हथियार, उपकरण और दाखल सामग्री थी। शिवानंद आश्रम में 35 जोड़े ने एक ही समागम में आरती और फेरे लेकर विवाह किया, जिससे स्थानीय संस्कृति में नई उमंग आई। एक अलग घटना में, महिला स्टाफ पर हमला करने वाले कुत्ते के मालिक पर गाँव के न्यायालय ने केस दायर किया, जिससे कुत्ते के मालिक को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ये सभी घटनाएं बस्तर के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं—अधिकारियों की लापरवाही, सुरक्षा चुनौतियां, सामाजिक उत्सव और न्यायपालिका की सक्रियता।

By AIAdmin