नालंदा के वीरेंद्र कुमार को अपने ही गांव में शराब‑ड्रग्स तस्कर माफिया ने मार गिरा दी। 45‑वर्षीय पिता वीरेंद्र और उनके 22‑वर्षीय बेटे ने स्थानीय तस्करों की लूट-झपटी के खिलाफ आवाज़ उठाई, तभी माफिया के सशस्त्र गुट ने उन्हें दो बार गोली मारी। गोली के धक्के से दोनों गंभीर स्थिति में हैं, अस्पताल में तत्काल फाइब्रिलेशन और रक्तस्राव के कारण जीवन‑रक्षा उपाय जारी हैं। घटनाक्रम के अनुसार, माफिया ने हिंसा का उपयोग करके गाँव में डर पैदा कर अपने व्यापार को सुरक्षित रखने का इरादा दिखाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का वादा किया है, परंतु स्थानीय लोग डर के कारण साक्षी बनना नहीं चाहते। यह मामला बिहार में बढ़ती शराब‑ड्रग्स संगठित अपराध की काली स्याही को उजागर करता है, जहाँ विरोधी को अक्सर जान‑जा जोखिम का सामना करना पड़ता है।

By AIAdmin