जुलाई 2026 से लागू भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के संदर्भ में ब्रिटेन ने आगे की भागीदारी के लिए पंजाब को विशेष क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। इसी कड़ी में तीन सदस्यीय ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने कृषि, व्यापार और कृषि-कारोबार में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का दौरा किया। दल में अनूप नारायणन, राजीव बालामुरुगन और लतीफ अहमद शामिल रहे। पीएयू के कुलपति डॉ. हरविंदर सिंह धालीवाल ने विश्वविद्यालय को हरित क्रांति की जन्मदात्री संस्था बताते हुए कृषि प्राथमिकताओं पर जानकारी दी और गेहूं में नाइट्रोजन-उपयोग दक्षता, जल-बचत तकनीक, मृदा व जलवायु अनुसंधान, कृषि मशीनरी, फसल विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण और जैविक ऊर्जा पर संयुक्त कार्य का प्रस्ताव रखा। नारायणन ने व्यापारिक साझेदारी के लिए साझा मंच की जरूरत बताते हुए डेयरी, पशु विज्ञान, बागवानी, फसल सुरक्षा, सूक्ष्म कृषि, पराली प्रबंधन और मत्स्य पालन को संभावनाशील क्षेत्र बताया। बालामुरुगन ने रिमोट सेंसिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और स्टार्ट-अप में साझेदारी की गुंजाइश रेखांकित की। निदेशक (अनुसंधान) डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट ने पीएयू की उपलब्धियां और अनुसंधान ढांचा प्रस्तुत किया। निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. माखन सिंह भुल्लर ने किसान-तकनीक संपर्क तंत्र की जानकारी दी। Source: Source Post navigation SRFTI विवाद: रजिस्ट्रार ने कहा- प्रशासन अभिभावकों की चिंताओं का करेगा समाधान, छात्र आंदोलन जारी महासमुंद में रेडक्रॉस शिविर: 367 प्रतिभागियों ने नशा न करने और जीवन सेवा में बिताने की ली शपथ