उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मतदाता सूची से 26 मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर एक बूथ लेवल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि अधिकारी के पास नाम हटाने का कोई वैध कारण नहीं था। इससे पूर्व ग्राम प्रधान के साथ मिलीभगत और धार्मिक भेदभाव के आरोप लगे हैं। दोनों पक्षों ने गलत काम से इंकार किया है और कहा है कि नाम हटाने का कारण मतदाताओं का स्थानांतरण था। मामले की जांच जारी है। चुनाव आयोग ने घटना को गंभीरता से लिया है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। Source: Source Post navigation 6 प्रदेशों में SSR का ऐलान: 30 नवंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 21 जनवरी 2027 को आएगी फाइनल सूची