छत्तीसगढ़ के एक शहर में जमीन धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने वर्ष 1962 में मृत हो चुके व्यक्ति को दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर करोड़ों की जमीन बेच दी। जमीन दलालों ने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड बनाकर दूसरे व्यक्ति को असली मालिक के रूप में पेश किया। इसके बाद बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। मामला मां महामाया मंदिर के पास स्थित जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। भाजपा पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी बंटी पटेल, रामनिवास गुप्ता समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार बंटी पटेल इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। आरोपी पहले से एक अन्य मामले में जेल में बंद है। पुलिस अब पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। Source: Source Post navigation सोनीपत में 500 रुपये के विवाद में युवक पर हमला, गंभीर चोटों के बाद साढ़े चार महीने बाद FIR दर्ज 45 करोड़ निवेश का झांसा देकर उद्योगपति से 1.13 करोड़ की ठगी, रायपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया खुलासा