भजनलाल सरकार ने विकास को गति देने के लिए नई लहर चलायी है। मुख्यमंत्री आशोक गेहलोत ने भागीदारी से भरपूर कड़े आदेश जारी किए हैं, जिनमें सभी अधिकारी अब फाइलों में देर नहीं करेंगे, बल्कि तुरंत मैदान में उतरकर काम करेंगे। रविवार को शुरू हुए विशेष बैठकों में सफ़लता के स्पष्ट मानक तय किए गए, जिसमें लापरवाह रिव्यू, देर से रिपोर्ट और अनदेखी योजनाओं पर “नो टॉलरेंस” नीति लागू होगी। सरकारी विभागों को कार्य योजना को 48 घंटों में भरणे, प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट करने और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया गया। इस पहल से रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति की उम्मीद है। अधिकारियों के प्रदर्शन का खुला पदानुक्रमित मूल्यांकन होगा, और जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय को प्रदेश में विकास का नया मोड़ माना जा रहा है, जहाँ अब फाइलें नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई ही प्रमुख होगी। Post navigation जियानलुका प्रेस्टियानी को होमोफोबिक व्यवहार पर छह मैच की सज़ा चार आरोपियों को अदालत में पेश: यहूदी एम्बुलेंस जलाने की सजा का मुकदमा