छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल से शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक की सजा काट चुके थे, लेकिन माफी संबंधी सरकारी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबे समय से लंबित थी। यह मामला जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान सामने आया। निरीक्षण के समय महानिदेशक ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। कुछ बंदियों ने बताया कि सजा पूरी होने के बावजूद वे आवश्यक मंजूरी के अभाव में जेल से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। इसके बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के रिकॉर्ड की जांच कराई गई। समीक्षा के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों की रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए। इन प्रस्तावों को मंजूरी के लिए राज्य शासन के पास भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को सभी 19 बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इस फैसले से लंबे समय से जेल में रह रहे बंदियों को अपने परिवारों के पास लौटने का अवसर मिला है। अब वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जेल अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी बंदियों को शासन के निर्देशों के अनुसार रिहा किया गया है।

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