बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के कामों में प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने 4 तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई की है। इनमें से 2 तकनीकी सहायकों ने इस्तीफा दे दिया, जबकि एक की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक अन्य तकनीकी सहायक की सेवा वृद्धि रोक दी गई है। योजना के तहत जिले में 1,807 कामों के लिए 55 करोड़ 61 लाख रुपए से ज्यादा की राशि मंजूर की गई है। जिला पंचायत सीईओ ने योजना के कामों की नियमित समीक्षा और मैदानी निरीक्षण के दौरान काम की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की। समीक्षा में कुछ तकनीकी सहायकों के कामकाज और जिम्मेदारियों के निर्वहन में कमी सामने आई थी, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की गई। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कामों को जल्द शुरू कराया जाए और ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को काम पर लगाकर मानव दिवस सृजन में तेजी लाई जाए। साथ ही सभी काम तय समय-सीमा में पूरे करने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने, काम में लापरवाही बरतने या अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। Source: Source Post navigation रायपुर में 29 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला: कई थानों समेत महिला थाना, यातायात विभाग और कंट्रोल रूम में नई तैनाती हरियाणा में सफाईकर्मियों को 2000 रुपये मासिक भत्ता, प्रोत्साहन राशि खत्म: दीवाली से पहले कर्मचारी नाराज, यूनियन बोली- फैसला उचित नहीं