छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने शुक्रवार सुबह राजनांदगांव में छापेमारी की। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबियों से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दिए जाने की खबर है। रायपुर से पहुंची 20 अधिकारियों की टीम ने शहर के दो कारोबारियों के घर और व्यावसायिक परिसरों में एक साथ छापा मारा। टीम दोनों जगह दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल डिवाइस की जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू की टीम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे रायपुर से चार गाड़ियों में राजनांदगांव पहुंची और दो हिस्सों में बंट गई। स्थानीय सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में परिसरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। एक टीम ने सनसिटी के बी-ब्लॉक स्थित मकान नंबर 43-44 में दबिश दी, जो कारोबारी वैभव गोलछा का बताया जा रहा है। वैभव गोलछा के शहर के कई बड़े कारोबारियों और रसूखदार लोगों से करीबी संबंध हैं और वे सड़क निर्माण व कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की फर्म केएलए से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। दूसरी टीम ने लालबाग क्षेत्र में कारोबारी जय बग्गा के निवास और व्यावसायिक परिसर में छापेमारी की। वैभव गोलछा और जय बग्गा आपस में कारोबारी साझेदार हैं और दोनों के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबियों से संबंध होने की बात भी सामने आई है। ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े लेन-देन की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। टीम बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, अचल संपत्तियों के दस्तावेज और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल डिवाइस की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान दोनों परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और कार्रवाई पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू की ओर से आधिकारिक जानकारी दिए जाने की संभावना है।

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