बिलासपुर हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि केवल विवाह का वादा पूरा नहीं होने के आधार पर प्रत्येक मामले को रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है और पीड़िता की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि शादी का वादा पूरा न होने पर हर मामले में दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता। मामले में सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की गई। कोर्ट ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। यह फैसला कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का अहम आदेश: सरकारी स्कूल के लिए ली गई निजी जमीन के बदले 90 दिन में देनी होगी दूसरी जमीन दुर्ग में जब्त 4 करोड़ रुपये लौटाने की कारोबारी की याचिका खारिज: कोर्ट बोला- आयकर जांच पूरी होने तक रकम वापस नहीं, कारोबारी ने कहा- खाते में 53 करोड़ से ज्यादा